देहरादून:चमोली माणा एवलॉन्च रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 46 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है. 8 मजदूरों की डेड बॉडी बर्फ से निकाली गई है. रेस्क्यू कर निकाले गये 44 मजदूरों का उपचार ज्योतिर्मठ स्थिति सेना के अस्पताल में चल रहा है. 2 मजदूरों को ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया है. सभी 44 श्रमिक खतरे से बाहर हैं. वहीं सीएम धामी ने मृतकों के लिए शोक संवेदना प्रकट की है ।
उपचार ले रहे श्रमिकों में पिथौरागढ़ के रहने वाले गणेश कुमार ने बताया कि मुझे तो बचने की उम्मीद ही नहीं थी लेकिन सरकार के रेस्क्यू अभियान के कारण आज मैं बिल्कुल सुरक्षित हूं.इसी क्रम में उत्तरकाशी के रहने वाले मनोज भंडारी ने रेस्क्यू अभियान की प्रशंसा की. उन्होंने भारतीय सेना और प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने मुश्किल समय में सरकार ने हमारी बहुत मदद की.
सेना अस्पताल मे ही उपचार करवा रहे मुरादाबाद के विजयपाल ने बताया 28 फरवरी को जब ग्लेशियर से हमारे कंटेनर पर गिरा तो हम घबरा गए लेकिन आर्मी कैंप में हमें सेना ने सुरक्षित रखा. अगले दिन रेस्क्यू अभियान में हमें सेना के अस्पताल ज्योतिर्मठ में सुरक्षित लाया गया.इस प्रकार घटना के बाद चलाए गए रेस्क्यू अभियान की घायलों ने सराहना की. सेना के अस्पताल में भर्ती श्रमवीरों ने कहा भारतीय सेना,आईटीबीपी, वायुसेना , एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की ओर से तेजी से चलाए गए रेस्क्यू अभियान के कारण ही वे सुरक्षित हैं. उन्होंने रेस्क्यू अभियान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित रेस्क्यू में जुटी पूरी टीम का धन्यवाद देते हैं.











