उत्तराखंड प्रदेश के युवा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने हुनर का परचम लहरा रहे हैं, लेकिन अब युवाओं के साथ साथ प्रदेश के नौनिहाल भी अपने साथ साथ प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं। ये बात तो सच है कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन इस बात में भी तथ्य है कि यहां के केवल युवा ही नहीं बच्चे भी प्रतिभाओं का दम खम दिखाते नजर आते है। ऐसे ही एक होनहार नौनिहाल हैं हार्दिक रघुवंशी जो उम्र से तो 11 वर्ष की आयु के हैं, लेकिन उपलब्धियां हासिल करने का kr इन्होंने अभी से ही शुरू कर दिया है। महज 11 वर्ष की छोटी आयु में ही हार्दिक का चयन बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के लिए हो गया है। अपनी इस विशेष उपलब्धि से हार्दिक ने ना केवल राज्य को गौरवंतित किया है,बल्कि नया इतिहास भी रचा है।

हार्दिक रघुवंशी मूल रूप से राज्य की राजधानी देहरादून के रहने वाले हैं। वे देहरादून के एन मैरी स्कूल में कक्षा पांचवी के छात्र हैं। हाल ही में हार्दिक का चयन चेन्नई में आयोजित हुई बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के अंडर 15 ट्रायल में हुआ है। बता दें कि हार्दिक की माता रोमा रघुवंशी और पिता मनीष दोनों पूर्व राष्ट्रीय बास्केटबॉल के खिलाड़ी रह चुके हैं। मनीष रघुवंशी तुलाज इंटरनेशनल स्कूल मे बास्केटबॉल कोच और ओएनजीसी बास्केटबॉल क्लब के सदस्य भी हैं। मनीष ने अपने बेटे हार्दिक को खुद बास्केटबॉल की ट्रेनिंग दी है। उन्होंने बताया कि पूरे भारत से बीएफआई की ओर से कुल 25 लड़के और 25 लड़कियों का चयन किया गया है,जिनमें हार्दिक की उम्र सबसे कम है। हार्दिक की सफलता से न केवल हार्दिक के माता पिता, बल्कि पूरे प्रदेश में खुशी है।











